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'5 मिनट के लिए ऑफिस में नमाज पढ़ने पर बवाल क्यों?', अबू आजमी ने हालिया घटनाओं पर उठाए सवाल

 Reported By: Sachin Chaudhary Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Apr 22, 2026 07:18 pm IST,  Updated : Apr 22, 2026 07:18 pm IST

अबू आजमी ने महाराष्ट्र में धर्मांतरण, नमाज और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरा है। उन्होंने ऑफिस में नमाज के विरोध पर सवाल उठाते हुए समान व्यवहार की मांग की और आरोप लगाया कि मुसलमानों के साथ भेदभाव हो रहा है।

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समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी। Image Source : PTI

मुंबई: समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने महाराष्ट्र में धर्मांतरण, कानून और ड्रग्स के मामलों को लेकर सरकार की जमकर आलोचना की है। उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुसलमानों के साथ असमान व्यवहार किया जा रहा है। धर्मांतरण पर बोलते हुए अबू आजमी ने कहा कि पुणे, नागपुर और नासिक जैसे शहरों में जबरन धर्मांतरण की कोई घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने इन आरोपों को गलत बताया और खास तौर पर नासिक के मामले को फर्जी करार दिया। उनका कहना है कि असल में मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है और उनके रोजगार पर असर डालने की कोशिश की जा रही है।

'...तो फिर नमाज का विरोध क्यों होता है?'

अबू आजमी ने कॉर्पोरेट कंपनियों में नमाज पढ़ने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर कोई कर्मचारी 5 मिनट के लिए ऑफिस में नमाज पढ़ता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब कंपनियों में गणपति उत्सव या दूसरे धर्मों के त्योहार मनाए जाते हैं, तो फिर नमाज का विरोध क्यों किया जाता है। वर्ली में बीजेपी महिला मोर्चा विवाद पर उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को कार्यक्रम निकालने की अनुमति आसानी से नहीं मिलती, जबकि सत्तापक्ष बिना रोक-टोक कार्यक्रम करता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है।

'सभी के साथ समान व्यवहार होना चाहिए'

अमरावती में आरोपी अयान को शहर भर में पुलिस द्वारा परेड कराए जाने पर अबू आजमी ने कानून में दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। सपा नेता ने कहा कि कुछ मामलों में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है, जैसे घरों पर बुलडोजर चलाना या परेड कराना, जबकि दूसरे मामलों में ऐसा नहीं होता। उन्होंने सवाल किया कि अगर किसी ने गलत किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, लेकिन सभी के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। यूसुफ पठान के रिश्तेदार मामले में उन्होंने सियासी साजिश की संभावना जताते हुए कहा कि हो सकता है कि उनके परिवार को परेशान करने के लिए कार्रवाई की गई हो क्योंकि वे ममता बनर्जी के साथ जुड़े हैं।

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